NCERT Solution Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 पानी रे पानी

Pani re pani Question Answers

CBSE Class 9 Hindi Chapter 4 Pani re Pani (पानी रे पानी) Question Answers from Ganga Book

 मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

1. हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?

  • नल सूख जाने से
  • पानी बरसने से
  • तालाब और झीलों से 
  • बाढ़ आने से

2. निम्नलिखित में से कौन-सी बात जल-चक्र से संबंधित है?

  • वर्षा जल का संग्रह करना।
  • समुद्र से उठी भाप का बादल बरसना। 
  • नदियों का समुद्र में जाकर मिलना।
  • बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना।

3. "इस बड़ी गलती की सज़ा अब हम सबको मिल रही है।" यहाँ बड़ी गलती की ओर संकेत किया गया है?

  • जल-चक्र की अवधारणा को न समझना।
  • आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना।
  • तालाबों के कचरे से पाटकर समतल करना। 
  • भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना।

(ख) अब अपने मित्रों के साथ संवाद कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर क्यों चुने?

उत्तरः मैंने ऊपर दिए गए उत्तर इसलिए चुने क्योंकिः

1. भूजल भंडार वर्षा और तालाबों, झीलों से रिसने वाले पानी से भरता है, जैसा कि पाठ में बताया गया है।

2. जल-चक्र की प्रक्रिया में भाप से बादल बनना और नदियों का समुद्र में मिलना मुख्य हिस्सा है, जो प्रकृति का चक्र है।

3. तालाबों को नष्ट करना पाठ में मुख्य गलती के रूप में बताया गया है, जिससे पानी की कमी और बाढ़ की समस्या बढ़ी।

ALSO CHECK 

मिलकर करें मिलान

पाठ में से कुछ शब्द समूह चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके अर्थ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए।

उत्तर- 


पंक्तियों पर चर्चा
इस पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए:
"पानी आता भी है तो बेवक्त।"
उत्तरः यह वाक्य पानी की असमान उपलब्धता की ओर इशारा करता है। कभी ज़रूरत से ज़्यादा और कभी बिल्कुल नहीं।
"देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।"
उत्तरः इसका तात्पर्य यह है कि पानी की कमी से सूखे जैसी स्थिति बन जाती है।
"कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।"
उत्तरः जब अधिक वर्षा होती है, बाढ़ आती है तो जनजीवन प्रभावित होता है।
"अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"
उत्तरः यह दर्शाता है कि पानी की कमी और अधिकता दोनों ही समस्याएं उत्पन्न करती हैं।

सोच-विचार के लिए

लेख को एक बार पुनः पढ़िए और निम्नलिखित के विषय में पता लगाकर लिखिएः
(क) पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक क्यों कहा गया है?
उत्तरः पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक इसलिए कहा गया है क्योंकि यह वर्षा के पानी को अपने अंदर संचित करती है, जो ज़रूरत पड़ने पर हमें मिलता है।

(ख) जल-चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?
उत्तरः जल-चक्र की प्रक्रिया इस प्रकार पूरी होती हैः समुद्र से भाप उठती है, बादल बनते हैं, फिर वर्षा होती है और वह पानी नदियों-झीलों के ज़रिए फिर समुद्र में पहुँचता है।

(ग) यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँगे, तो क्या होगा?
उत्तरः यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो धरती पर भयंकर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा और जीवन संकट में पड़ जाएगा।

(घ) पाठ में पानी को रुपये से भी गुना मूल्यवान क्यों बताया गया है?
उत्तरः पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान इसलिए बताया गया है क्योंकि पानी के बिना जीवन असंभव है, जबकि रुपयों से सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता।

शीर्षक

(क) इस पाठ का शीर्षक 'पानी रे पानी' दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तरः इस पाठ का शीर्षक 'पानी रे पानी' इसलिए दिया गया है क्योंकि यह पाठ पानी की महत्ता, उसके संकट, और उसके संरक्षण की आवश्यकता को दर्शाता है। 'रे' शब्द एक पुकार की तरह प्रयोग हुआ है, जिससे यह दर्शाया गया है कि इंसान आज पानी के लिए पुकार रहा है। यह शीर्षक पाठ की विषयवस्तु से पूरी तरह मेल खाता है और भावनात्मक प्रभाव भी छोड़ता है।
-कारण : यह नाम पाठ के भाव और संदेश को प्रभावी ढंग से प्रकट करता है कि पानी अब दुर्लभ हो गया है और हम इसके संरक्षण के लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए।
(ख) आप इस पाठ को क्या नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।
उत्तरः मैं इस पाठ को यह नाम देना चाहूँगाः 'बूंद-बूंद की कीमत'
कारण : यह नाम इस बात को रेखांकित करता है कि आज हर बूँद पानी कीमती है। पाठ में जिस तरह पानी की कमी और उसके दुष्परिणामों की चर्चा हुई है, वह यह दर्शाता है कि पानी अब पहले जैसी सुलभ वस्तु नहीं रह गई है। यह शीर्षक पाठ के संदेश को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करता है।

शब्दों की बात
बात पर बल देना
"हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।"
"हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।"
(क) इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए। दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आता है, पहचान कर लिखिए।
उत्तरः हटाया गया शब्दः "भी"
अर्थ में अंतर : पहले वाक्य में "भी" शब्द यह दर्शाता है कि धरती के अलावा अन्य वस्तुएँ भी गुल्लक जैसी होती हैं और धरती उनमें से एक है। यह तुलना को स्पष्ट और प्रभावशाली बनाता है। जबकि दूसरे वाक्य में यह संकेत नहीं मिलता कि और भी चीजें ऐसी हो सकती हैं। "भी" शब्द वाक्य को व्यापक और अधिक भावपूर्ण बनाता है।

(ख) पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्द वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।
उत्तरः पाठ से प्रभाव पैदा करने वाले शब्दों वाले वाक्यः
1. "पानी आता भी है तो बेवक्त।"
"भी" शब्द यहाँ यह दर्शाता है कि पानी की उपस्थिति भी समस्या है, क्योंकि वह सही समय पर नहीं आता।
2. "कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।"
- "सब कुछ” शब्द ज़्यादा व्यापक असर दर्शाने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
3. "अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"
- "एक ही सिक्के के दो पहलू" एक मुहावरे के रूप में प्रयुक्त होकर अर्थ को प्रभावशाली बनाता है।
4. "पानी को रुपयों से भी कई गुना ज़्यादा मूल्यवान बताया गया है।"
- "कई गुना ज़्यादा" शब्द यह दिखाते हैं कि पानी का मूल्य केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, जीवन के दृष्टिकोण से बहुत अधिक है।

समानार्थी शब्द

नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ देने वाले उपयुक्त शब्द लिखिए। इस कार्य के लिए आप बादल से शब्द चुन सकते हैं।
(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे। (सूर्य, मेघ, भास्कर)
उत्तरः भास्कर की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।

(ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर उठ जाता है। (पवन, वारिद, वायु, दिवाकर)
उत्तरः समुद्र का पानी दिवाकर की गरमी से भाप बनकर ऊपर उठ जाता है।

(ग) अचानक बादल गरजने लगे। (जलद, वाष्प, समीर)
उत्तरः अचानक जलद गरजने लगे।

(घ) जल-चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है। (दिनकर, नीरद)
उत्तरः जल-चक्र में समीर की भी बहुत बड़ी भूमिका है।

उपसर्ग
"देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।"
उपर्युक्त वाक्य में रेखांकित शब्द में 'अ' ने 'काल' शब्द में जुड़कर एक नया अर्थ दिया है। काल का अर्थ है- समय, मृत्यु। जबकि अकाल का अर्थ है- कुसमय, सूखा। कुछ शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या कोई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं और इस प्रकार नए शब्दों का निर्माण करते हैं। इस तरह के शब्दांश 'उपसर्ग' कहलाते हैं।
आइए, कुछ और उपसर्गों की पहचान करते हैं-

नए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग-
1. सुपात्र योग्य व्यक्ति वाक्यः दान हमेशा सुपात्र को ही देना चाहिए।
2. अपात्र जो योग्य न हो वाक्यः अपात्र को दान देना उचित नहीं माना जाता।
3. अज्ञान ज्ञान का अभाव वाक्यः अज्ञान के कारण लोग गलत फैसले ले लेते हैं।
4. विज्ञान किसी चीज के बारे में व्यवस्थित और तर्कसंगत ज्ञान प्राप्त करना वाक्यः विज्ञान ने आज जीवन को सरल और सुविधाजनक बना दिया है।

पाठ से आगे

आपकी बात
(क) धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए आप क्या-क्या प्रयास कर सकते हैं, अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए।
उत्तरः धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए हम ये प्रयास कर सकते हैं:
1. पानी की बर्बादी रोकें नल खुला छोड़ना, ज़रूरत से ज़्यादा पानी का उपयोग करना बंद करें।
2. वर्षा जल संचयन करें घर की छतों पर वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था करें।
3. पेड़ लगाएं पेड़ पानी को ज़मीन में समाहित करने में मदद करते हैं।
4. तालाबों और कुओं की सफाई करें पुराने जलस्रोतों को संवारें और बचाएं। -
5. जागरूकता फैलाएं लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित करें।
6. फव्वारे और पाइपलाइन की लीकेज ठीक कराएं पानी की बर्बादी रोकें।

(ख) इस पाठ में एक छोटे से खंड में जल-चक्र की प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया है। उस खंड की पहचान करें और जल-चक्र को चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करें।
उत्तरः इस पाठ में जल-चक्र की प्रक्रिया इस खंड में दी गई है:
"पानी सूरज की गरमी से वाष्प बनकर ऊपर उठता है... और वर्षा के रूप में वापस धरती पर आता है।"
() अपने द्वारा बनाए गए जल चक्र के चित्र का विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर-  सूरज की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है और बादल बनता है। फिर वह बादल वर्षा के रूप में धरती पर गिरता है। यह पानी पहाड़ों से बहकर नदियों के ज़रिए खेतों और जलस्रोतों तक पहुँचता है और अंत में फिर समुद्र में मिल जाता है। यही जल-चक्र है — यह धरती की “गुल्लक” को भरने की प्रक्रिया है।

सृजन

(क) कल्पना कीजिए कि किसी दिन आपके घर में पानी नहीं आया। आपको विद्यालय जाना है। आपके घर के समीप ही एक सार्वजनिक नल है। आप बाल्टी आदि लेकर वहाँ पहुँचते हैं और ठीक उसी समय आपके पड़ोसी भी पानी लेने पहुँच जाते हैं। आप दोनों ही अपनी-अपनी बाल्टी पहले भरना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में आपस में किस प्रकार का विवाद (तू-तू मैं-मैं) न हो, यह ध्यान में रखते हुए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन) तैयार कीजिए।
उत्तरः विवाद से बचने के लिए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन):
1. "पानी सबका हक़ है, पहले मैं नहीं- पहले हम !"
2. "पानी लेने आए हैं, प्यार बाँटते जाएँ।"
3. "झगड़ा नहीं समाधान चाहिए, मिल बाँटकर पानी पाइए।"
4. "थोड़ा धैर्य, थोड़ी समझदारी तभी मिलेगी सबको पानी की बारी।"
5. "पानी की एक बूँद भी अनमोल है, रिश्तों में मिठास ही अनुकूल है।"
इन स्लोगनों से हम सबको यह सीखने को मिलता है कि थोड़ा धैर्य, सहयोग और समझदारी से किसी भी परिस्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है।




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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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