NCERT Solution Class 7 Hindi Malhar Chapter 1 माँ, कह एक कहानी

Chapter 1 Maa Kah Ek Kahani

CBSE Class 7 Hindi Chapter 1 Maa Kah Ek Kahani (माँ, कह एक कहानी) Question Answers from Malhar Book

 

पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा () बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

1. माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है?

  • राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए।
  • उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए। ★
  • उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए।
  • उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।

2. कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है?

  • निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए।
  • पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए।
  • करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।★
  • मित्रता और निष्ठा के महत्व को उजागर करने के लिए।

3. कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है?

  • न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए। ★
  • निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
  • आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए।
  • जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?

उत्तरः मित्रों से चर्चा करते समय यह तर्क दें कि -

1. सही-गलत की पहचान जरूरी है।

2. करुणा और न्याय दोनों साथ-साथ चलते हैं।

मिलकर करें मिलान

इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

उत्तरः

पात्र                   ये शब्द किनके लिए आए हैं

1. बेटा             3. सिद्धार्थ और यशोधरा के पुत्र राहुल

2. माँ               1. यशोधरा, एक राजकुमारी, सिद्धार्थ की पत्नी

3. तात (पिता)   2. सिद्धार्थ, एक राजकुमार जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं।

इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया?

अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!"

उत्तरः इन पंक्तियों का अर्थ है कि अगर कोई निर्दोष (निरपराध) को तकलीफ पहुँचाए या उसे मारने की कोशिश करे, तो दूसरों का कर्तव्य है कि वे उस निर्दोष की रक्षा करें।

यह भी कहा गया है कि न्याय वही सच्चा है जो दया के साथ किया जाए - यानी दयालुता को ध्यान में रखते हुए फैसला किया जाए।

यहाँ यह सिखाया गया है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होना और निर्दोष की रक्षा करना सच्चा न्याय है।

(ख) हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।

उत्तरः इन पंक्तियों का अर्थ है कि दयालु (सदय) और निर्दयी (निर्दय) व्यक्ति के बीच घायल पक्षी को लेकर विवाद हो गया।

दोनों अपने-अपने पक्ष पर अड़े रहे और अपने विचारों को सही ठहराने की कोशिश करते रहे। जब आपसी सहमति नहीं बनी तो मामला न्यायालय (न्याय के स्थान) में पहुँचा, जहाँ सबने इस घटना को सुना और समझा। यह बताता है कि जब कोई विवाद हल नहीं होता तो न्याय के माध्यम से उसका समाधान ढूँढा जाता है।

सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?

उत्तरः "न्याय दया का दानी" क्योंकि इससे कविता का मूल संदेश स्पष्ट होता है।

(ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?

उत्तरः घायल पक्षी की रक्षा को लेकर विवाद हुआ। पिता उसे बचाना चाहते थे, आखेटक उसे अपना शिकार मान रहा था।

(ग) माँ ने पुत्र से "राहुल, तू निर्णय कर इसका" क्यों कहा?

उत्तरः ताकि वह सही-गलत की पहचान स्वयं कर सके और न्यायप्रिय बने।

(घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था?

उत्तरः यदि उपवन में होता तो घायल पक्षी को बचाकर उसकी चिकित्सा करता। न्याय यह होता कि जान बचाना प्राथमिकता है।

(ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है?

(संकेत - कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।)

उत्तरः माँ बेटे को सिखाने वाली, दयालु और शिक्षिका है; बेटा जिज्ञासु और न्यायप्रिय बनने की कोशिश करता है।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-

(क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा।

यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते?

उत्तरः घायल हंस को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान ले जाते और फिर न्यायाधीश से निर्णय करवाते।

(ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे?

उत्तर: हंस कहता - "मुझे क्यों मारा?" आखेटक कहता - "यह मेरा अधिकार है।"

बहस होती - हंस जीवन के अधिकार का तर्क देता, आखेटक शिकार का।

(ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों?

  • तीर चलाने वाला
  • पक्षी
  • पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति
  • न्यायधीश
  • कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें

उत्तरः पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति, क्योंकि वह दया और करुणा का प्रतीक है।

संवाद

इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है।

आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए।

उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है।

उत्तरः

पुत्र द्वारा कहे गए कथनः

"माँ, कह एक कहानी।"

"जहाँ सुरभि मनमानी? हाँ, माँ, यही कहानी।"

"लहराता था पानी? हाँ, हाँ, यही कहानी।"

"हुई पक्ष की हानी? करुणा-भरी कहानी !"

"हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।"

"सुनी सभी ने जानी? व्यापक हुई कहानी।"

"माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे? रक्षक पर भक्षक को वारे, 'न्याय दया का दानी!"

"न्याय दया का दानी? तूने गुनी कहानी।"

माँ द्वारा कहे गए कथनः

"बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?"

"तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।"

"वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।"

"गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी !"

"चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। इतने में आखेटक आया, 'लक्ष्य-सिद्धि का मानी? कोमल-कठिन कहानी।"

"माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी। तब उसने, जो था खगभक्षी हठ करने की ठानी।"

"हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी।"

"राहुल, तू निर्णय कर इसका न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका। सुन लूँ तेरी बानी।"

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए-

उत्तरः

फूल            पानी                उपवन            सबेरे                    खग                    हवा                    हिम-बिंदु

पंक्ति से पंक्ति

नीचे स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं।

मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए-

उत्तरः

स्तंभ 1                                                                                                        स्तंभ 2

1. कहती है मुझसे यह चेटी                                            7. यह सेविका मुझसे यह कहती है।

2. तू है हठी मानधन मेरे                                                 9. हे मेरे पुत्र, तू बहुत हठ करता है।

3. झलमल कर हिम-विंदु झिले थे                                    5. हिम-कण/ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं।

4. गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से                                      8. तेज धार वाले तीर से घायल होकर गिर गया।

5. हुआ विवाद सदय-निर्दय में                                        3. दयालु और निर्दयी व्यक्ति में झगड़ा हुआ।

6. कह दे निर्भय, जय हो जिसका।                                  2. तू बिना डरे कह दे कि जीत किसकी होनी चाहिए।

7. तूने गुनी कहानी।                                                       6. तूने कहानी को समझ लिया है।

8. उभय आग्रही थे स्वविषय में                                       1. दोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे।

9. तब उसने, जो था खगभक्षी हठ करने की ठानी।           10. तब उस तीर चलाने वाले ने हठ करने का निश्चय कर लिया।

10. रक्षक पर भक्षक को वारे न्याय दया का दानी !            4. न्याय में दया सम्मिलित होती है, न्याय मारने वाले के                                                                                          स्थान पर बचाने वाले का पक्ष लेता है।


कविता की रचना

"राजा था या रानी?

राजा था या रानी?

माँ, कह एक कहानी।"

इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों की तरह इस पूरी कविता में अनेक स्थानों पर कुछ पंक्तियाँ दो बार आई हैं। इस कारण कविता में माँ और बेटे की बातचीत पाठकों को बेहतर ढंग से समझ में आती है। इससे कविता के सौंदर्य में भि वृद्धि हुई है।

आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। उदाहरण के लिए, कविता में माँ-बेटे का संवाद है, जिसे 'संवादात्मक शैली' कहा जाता है। इसी प्रकार, इसमें प्रकृति और कार्यों का वर्णन है, जिसे 'वर्णनात्मक शैली' कहते हैं।

(क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए। अपनी बनाई समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

उत्तरः एक समूह के रूप में पहचानी गई कविता की कुछ विशेषताएँ इस प्रकार हो सकती हैं:

संवादात्मक शैली (माँ और बेटे के बीच बातचीत)

वर्णनात्मक शैली (प्रकृति का वर्णन)

लय और तुकबंदी का प्रयोग

पुनरावृत्ति (कुछ पंक्तियों का दोहराव)

सरल और सहज भाषा

प्रश्न और उत्तर का समावेश

कहानी कहने की शैली

नैतिक संदेश

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।



उत्तर:

1.-3,4

2.-3, 4, 6

3.-6

4.-1,5

5.-6

6.-5

7.-3

8.-2, 4

रूप बदलकर

"सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, "

कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है-"सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे...

अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।

उत्तरः जब घायल हंस गिरा, तो वहाँ उपस्थित लोग आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने तुरंत उसे उठाया और उसकी देखभाल की। हंस को ऐसा महसूस हुआ जैसे उसे एक नया जीवन मिल गया हो। वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगा। तभी अचानक, शिकारी वहाँ आ पहुँचा। उसने दावा किया कि वह हंस उसका शिकार है और वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने आया है। यह एक बड़ी ही नाजुक और कठिन परिस्थिति थी, क्योंकि एक तरफ घायल पक्षी था जिसे जीवनदान मिला था, और दूसरी तरफ शिकारी था जो उसे अपना निशाना बता रहा था। यह कहानी करुणा और क्रूरता के बीच की खींचतान को दर्शाती है।

कविता में विराम चिह्न

"माँ, कह एक कहानी"

इस पंक्ति में आपको अनेक विराम चिह्न दिखाई दे रहे हैं, जैसे-

अल्प विराम (,)

पूर्ण विराम (।)

उद्धरण चिह्न ("")

इस कविता में विराम चिह्नों का बहुत अच्छा प्रयोग किया गया है। विराम चिह्न इस कविता में अनेक कार्य कर रहे हैं, जैसे

यह बताना कि-

कविता पढ़ते समय कहाँ थोड़ा रुकना है (,), कहाँ अधिक रुकना है (।)

कौन सी पंक्ति किसने कही है? पुत्र ने या माँ ने ("")

कहाँ प्रश्न पूछा गया है (?)

कौन-सी बात आश्चर्य से बोली गई है (!)

(क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-

राहुल तू निर्णय कर इसका

 न्याय पक्ष लेता है किसका 

कह दे निर्भय जय हो जिसका 

सुन लूँ तेरी बानी 

माँ मेरी क्या बानी 

मैं सुन रहा कहानी

कोई निरपराध को मारे 

तो क्यों अन्य उसे न उबारे 

रक्षक पर भक्षक को वारे 

न्याय दया का दानी 

न्याय दया का दानी

तूने गुनी कहानी

उत्तर:

"राहुल, तू निर्णय कर इसका -

न्याय पक्ष लेता है किसका?

कह दे निर्भय, जय हो जिसका ।

सुन लूँ तेरी बानी।" 

"माँ, मेरी क्या बानी ? 

मैं सुन रहा कहानी। 

कोई निरपराध को मारे, 

तो क्यों अन्य उसे न उबारे ? 

रक्षक पर भक्षक को वारे, 

न्याय दया का दानी!"

"न्याय दया का दानी ? 

तूने गुनी कहानी।

(ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए।

उत्तर:

कक्षा में विद्यार्थी विभिन्न समूह बनाकर, इस कविता में आए सभी विराम चिह्नों को ध्यान में रखकर समूह में अपनी प्रस्तुति देंगे।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) "सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे।" आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं? और क्यों?

उत्तरः मैं और मेरे परिजन भ्रमण के लिए अक्सर पार्क और बगीचों में जाते हैं। हम कभी-कभी ऐतिहासिक स्थलों और प्रकृति से भरपूर स्थानों पर भी घूमने जाते हैं। हम भ्रमण पर इसलिए जाते हैं क्योंकि यह हमें ताज़ी हवा में समय बिताने, व्यायाम करने और प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने का मौका देता है। इससे हमारा मन शांत होता है और हम तनावमुक्त महसूस करते हैं।

(ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसकी और कौन-सी कहानी सुनते हैं?

उत्तरः मैं बचपन में अपनी दादी और माँ से कहानियाँ सुनता था। वे मुझे परियों, राजा-रानियों और जानवरों की कहानियाँ सुनाती थीं। मुझे पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियाँ बहुत पसंद थीं, जिनमें नैतिक शिक्षाएँ होती थीं।

(ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था। क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों?

उत्तरः हाँ, कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है। इससे श्रोता की रुचि बनी रहती है और वह कहानी में सक्रिय रूप से भाग लेता है। प्रश्न पूछने से कहानी अधिक संवादात्मक और रोचक बन जाती है, और श्रोता कहानी के संदेश को बेहतर ढंग से समझ पाता है।

(घ) कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार 'नानी' कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन-सी कहानी है और क्यों?

उत्तर: हाँ, मुझे "शेर और खरगोश" की कहानी बार-बार सुनने का मन करता था। मुझे वह कहानी इसलिए पसंद थी क्योंकि उसमें खरगोश अपनी बुद्धिमानी से शेर को हरा देता है। यह कहानी मुझे सिखाती है कि हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए और अपनी बुद्धि का उपयोग करके किसी भी मुश्किल का सामना करना चाहिए।

निर्णय करें

"राहुल, तू निर्णय कर इसका-"

नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे?

1. खेलते समय आप देखते हैं कि एक किक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा।

उत्तरः मैं अपने मित्र को समझाऊंगा कि उसने गलती से नियम तोड़ा है और उसे अगली बार ध्यान रखने के लिए कहूंगा। मैं खेल को निष्पक्ष रखने की कोशिश करूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि किसी को अन्याय न हो।

2. एक सहपाठी को कक्षा में दूसरों द्वारा चिढ़ाया जा रहा है।

उत्तरः मैं चिढ़ाने वालों को रोकूंगा और उन्हें समझाऊंगा कि यह गलत है। मैं पीड़ित सहपाठी का समर्थन करूंगा और उसे बताऊंगा कि वह अकेला नहीं है। मैं शिक्षक से भी इस बारे में बात कर सकता हूँ ताकि वे हस्तक्षेप कर सकें।

3. एक समूह परियोजना के बीच एक सहपाठी अपने भाग का कार्य नहीं कर रहा है।

उत्तर: मैं उस सहपाठी से बात करूंगा और जानने की कोशिश करूंगा कि क्या कोई समस्या है। मैं उसे उसके काम में मदद करने की पेशकश करूंगा और उसे समय पर काम पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करूंगा। यदि समस्या बनी रहती है, तो मैं शिक्षक को सूचित कर सकता हूँ।

4. आपके दो मित्रों के बीच छोटी-सी बात पर तर्क-वितर्क हो रहा है।

उत्तर: मैं दोनों को शांत करने की कोशिश करूंगा और उन्हें एक-दूसरे की बात सुनने के लिए कहूंगा। मैं उन्हें समझाऊंगा कि छोटी-छोटी बातों पर झगड़ना ठीक नहीं है और उन्हें मिलकर समस्या का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित करूंगा।

5. एक सहपाठी को कुछ ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से दंडित किया जा रहा है जिसे उसने नहीं किया।

उत्तर: मैं शिक्षक को सच्चाई बताऊंगा और यह साबित करने की कोशिश करूंगा कि मेरे सहपाठी ने वह काम नहीं किया है। मैं न्याय के लिए खड़ा रहूंगा और अपने सहपाठी का समर्थन करूंगा।

6. एक सहपाठी प्रतियोगिता में हार जाने पर उदास है।

उत्तरः मैं उसे समझाऊंगा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है और उसे निराश नहीं होना चाहिए। मैं उसे उसकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करूंगा और अगली बार बेहतर करने के लिए प्रेरित करूंगा।

7. कक्षा में चर्चा के बीच एक सहपाठी संकोच कर रहा है और बोलने का अवसर नहीं पा रहा है।

उत्तरः मैं शिक्षक से अनुरोध करूंगा कि वे उसे बोलने का मौका दें। मैं उसे प्रोत्साहित करूंगा और उसकी बात ध्यान से सुनूंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उसे कक्षा में अपनी राय व्यक्त करने में सहज महसूस हो।

8. सहपाठी किसी विषय में संघर्ष कर रहा है और आपसे सहायता माँगता है।

उत्तरः मैं उसकी मदद करने के लिए तैयार रहूंगा। मैं उसे विषय को समझने में मदद करूंगा और उसे अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित करूंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि वह आत्मविश्वास महसूस करे और अपनी पढ़ाई में सफल हो।

सुनी कहानी

हमारे देश और विश्व में अनेक कहानियाँ लोग एक-दूसरे को सैकड़ों-हजारों सालों से सुनते-सुनाते रहे हैं। इन कहानियों को लोककथाएँ कहते हैं। अपने घर या आस-पास सुनी-सुनाई जाने वाली किसी लोककथा को लिखकर कक्षा में सुनाइए। आपने जिस भाषा में लोककथा सुनी है या जिस भाषा में आप लोककथा लिखना चाहें, लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित लोककथाओं को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।

उत्तरः यहाँ एक काल्पनिक लोककथा दी गई है:

बूढ़ी अम्मा और जादुई घड़ा

एक गाँव में एक बूढ़ी अम्मा रहती थी। वह बहुत गरीब थी और उसका कोई नहीं था। एक दिन, उसे जंगल में एक जादुई घड़ा मिला। घड़े ने कहा, "जो चाहो, मुझसे मांगो, मैं तुम्हें दूंगा।" अम्मा ने सबसे पहले भोजन मांगा, और घड़ा तुरंत स्वादिष्ट भोजन से भर गया। फिर उसने कपड़े मांगे, और घड़ा सुंदर कपड़ों से भर गया।

अम्मा बहुत खुश हुई। उसने घड़े का इस्तेमाल करके गाँव के गरीबों की मदद करना शुरू कर दिया। उसने सबको भोजन और कपड़े दिए। गाँव वाले अम्मा का बहुत सम्मान करने लगे।

एक दिन, गाँव के जमींदार को घड़े के बारे में पता चला। वह लालची था और उसने घड़ा चुराने का फैसला किया। उसने अम्मा को डरा-धमका कर घड़ा छीन लिया। लेकिन जब जमींदार ने घड़े से कुछ मांगा, तो घड़े से आग निकलने लगी। जमींदार डर गया और उसने घड़ा वापस अम्मा को लौटा दिया।

अम्मा ने जमींदार को माफ कर दिया और घड़े का इस्तेमाल हमेशा लोगों की भलाई के लिए किया। गाँव वाले हमेशा खुश रहे और अम्मा का सम्मान करते रहे।

आज की पहेली

• नीचे कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। इनके उत्तर आपको कविता में से मिल जाएँगे। पहेलियाँ बूझिए-


उत्तर:
पहेली – 1 – माँ; पहेली -2 – पक्षी; पहेली – 3 – सुरभि

SHARE

Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें